पिछले साल, जापान ने अपने 93% से अधिक तेल का आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से किया, जो आज ईरान में संघर्ष के कारण अवरुद्ध है। विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता पूर्ण है और घरेलू अर्थव्यवस्था किसी भी भू-राजनीतिक संकट के प्रति संवेदनशील हो जाती है। ऊर्जा विविधीकरण की तत्काल आवश्यकता है जो आपूर्ति की कमी से बचाए और नागरिकों की जेब की रक्षा करे।
हाइड्रोजन और परमाणु: मेज पर तकनीकी विकल्प ⚡
जापान हरित हाइड्रोजन और अपने परमाणु बेड़े के पुनरुद्धार पर वास्तविक ऊर्जा संक्रमण की धुरी के रूप में दांव लगा रहा है। हालांकि, हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अभी भी बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है और इसका भंडारण महंगा है। दूसरी ओर, परमाणु संयंत्रों को सामाजिक विरोध और धीमी सुरक्षा प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। दोनों विकल्पों को वर्तमान कमजोरी को कम करने के लिए दीर्घकालिक निवेश और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
जापानी समाधान: प्रार्थना करना कि कच्चा तेल खत्म न हो 🙏
जब इंजीनियर हाइड्रोजन और रिएक्टरों पर चर्चा कर रहे हैं, आम नागरिक केवल यह उम्मीद करता है कि अगला टैंकर समुद्र के बीच में फंस न जाए। आधिकारिक रणनीति उंगलियां क्रॉस करना और भरोसा करना प्रतीत होती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष ईंधन भरने के कार्यक्रम का सम्मान करेंगे। यदि भू-राजनीति सहयोग नहीं करती है, तो शायद साइकिल और बालकनी सौर पैनलों के गुणों को फिर से खोजना होगा।