डीसी कॉमिक्स के पन्नों में ऐसे पात्र जीवित हैं जिन्हें समय ने मिटा दिया है। उनमें से एक है बोज़ो द आयरन मैन, जो 1941 में जॉर्ज ब्रेनर की रचना थी। इसे मार्वल के अरबपति से भ्रमित न करें: यह बोज़ो एक मानव-सदृश रोबोट था जो यांत्रिक शक्ति और स्टील के कवच के साथ अपराध से लड़ता था। इसका संक्षिप्त और बिना किसी बड़े दावे का इतिहास इसे शैली की एक दुर्लभ वस्तु बनाता है।
कार्यात्मक डिजाइन और बिना किसी दिखावे के स्टील का सूट 🤖
ब्रेनर, जो पटकथा लेखक और चित्रकार भी थे, ने बोज़ो को एक सरल रोबोटिक संरचना प्रदान की: एक धातु का शरीर, हाइड्रोलिक भुजाएँ और एक मानव से बेहतर शारीरिक सहनशक्ति। इसके कवच में कोई जटिल प्रणाली या गैजेट नहीं थे; इसकी शक्ति कच्ची ताकत और अभेद्यता में निहित थी। यह पुलिस कॉमिक्स और फिर फीचर कॉमिक्स में दिखाई दिया, लेकिन इसका तकनीकी विकास सड़क पर लड़ाई तक ही सीमित था। बिना उड़ान या लेज़र किरणों के, इसका दृष्टिकोण सीधा था: पहले मारो और बाद में पूछो।
बोज़ो: वह रोबोट जो अपने काम को बहुत गंभीरता से लेता था 💥
दिलचस्प बात यह है कि बोज़ो, एक जोकर के समान नाम होने के बावजूद, उसमें हास्य की भावना नहीं थी। इसकी कहानियाँ गंभीर, लगभग उदास थीं। एक ऑटोमेटन जो बिना किसी मज़ाक या करिश्मे के मुक्के बाँटता था। जबकि अन्य नायक उड़ते या जाले फेंकते थे, वह केवल उदास चेहरे के साथ मुक्के मारता था। अंत में, दर्शकों ने अधिक चमक वाले पात्रों को प्राथमिकता दी। और सच तो यह है कि एक कॉमिक में बिना मज़ाक का रोबोट सिर्फ एक बुरे स्वभाव वाला घरेलू उपकरण है।