जर्मनी के संवैधानिक न्यायालय ने दो प्रमुख सुधारों का रास्ता साफ कर दिया है: स्वास्थ्य बीमा प्रणाली में सुधार और हीटिंग कानून। सरकार बिना न्यायिक विरोध के लाभों में कटौती कर सकेगी और बीमित व्यक्तियों की लागत बढ़ा सकेगी। इसके अलावा, नए नियम गैस और डीजल बॉयलरों के उपयोग की अनुमति देते हैं, लेकिन 2029 से बायोफ्यूल मिश्रण की आवश्यकता होगी। नागरिकों की जेब पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
अनिवार्य बायोफ्यूल: वह तकनीक जिसके लिए आप भुगतान करेंगे 🔥
हीटिंग कानून मौजूदा गैस या तेल प्रणालियों पर प्रतिबंध नहीं लगाता, लेकिन 2029 से एक तकनीकी आवश्यकता पेश करता है: बॉयलरों को कम से कम 15% बायोफ्यूल मिश्रण का उपयोग करना होगा। इसका मतलब है बर्नर को अनुकूलित करना या हीट पंपों के साथ हाइब्रिड सिस्टम स्थापित करना। सरकार उत्सर्जन कम करने की उम्मीद करती है, लेकिन निर्माता चेतावनी देते हैं कि रखरखाव अधिक महंगा होगा और पुराने उपकरणों में ऊर्जा दक्षता 10% तक गिर सकती है।
जर्मन चमत्कार: अपने बॉयलर को हरा-भरा महसूस कराने के लिए अधिक भुगतान करना 💸
योजना सरल है: हम आपको बॉयलर बदलने के लिए मजबूर नहीं करते, लेकिन हम आपको इसमें रिसाइकिल किया हुआ खाना पकाने का तेल डालने के लिए मजबूर करते हैं। इस प्रकार, जब सरकार पारिस्थितिकी का दावा करती है, नागरिक पाएंगे कि उनका बिल बढ़ गया है और प्लंबर अमीर हो गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि तब तक, राजनेता एक और सुधार पारित कर चुके होंगे। स्थिरता सुंदर है, लेकिन इसकी कीमत हमेशा वही लोग चुकाते हैं।