नवजात कालिकता, बिलीरुबिन के अधिक होने के कारण, नवजात शिशुओं में सामान्य है। अस्पतालों में फोटोथेरेपी सामान्य उपचार है, लेकिन संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में इसका पहुंच सीमित है। शोधकर्ताओं की एक टीम एक विकल्प प्रस्तुत करती है: एक शिशु बैंडोलेरा जो प्रत्यक्ष सूर्य प्रकाश का उपयोग करके बिलीरुबिन के स्तर को नियंत्रित और सुलभ तरीके से कम करती है।
पोर्टेबल सिस्टम का डिज़ाइन और वैलिडेशन 📐
यह उपकरण एक एर्गोनोमिक बैंडोलेरा है जिसमें एक पारदर्शी कम्पार्टमेंट होता है जो शिशु की त्वचा को प्राकृतिक प्रकाश के सुरक्षित एक्सपोजर की अनुमति देता है। इसमें विकिरण की तीव्रता मापने के लिए सेंसर और आवश्यक एक्सपोजर अवधियों को इंगित करने वाला टाइमर शामिल है, जो ओवरडोज़ को रोकता है। किए गए क्लिनिकल अध्ययनों ने बिलीरुबिन में प्रभावी कमी दिखाई, जो इसे कम संसाधन वाले वातावरण में पूरक थेरेपी के रूप में मान्य करता है।
नवजात का पहला ब्रोंजिंग, चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए 👶
प्रतीत होता है कि सूर्य स्नान का फैशन सबसे युवा आबादी तक पहुंच गया है, हालांकि डॉक्टर की सिफारिश के साथ। नीली लैंप और इनक्यूबेटर भूल जाओ; अब प्रोटोकॉल है शिशु को उसके डिज़ाइन वाली बैंडोलेरा पहनाना और अधिकतम विकिरण के घंटों में एक रणनीतिक सैर करना। हां, टाइमर के साथ ताकि वह ज्यादा काला न हो जाए। एक समाधान जो दिखाता है कि कभी-कभी सबसे सरल तकनीक सूर्य राजा के पास पहले से ही थी।