SpaceX ने FCC को एक आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें AI के कक्षीय डेटा केंद्रों के लिए एक मिलियन तक के उपग्रहों की कक्षीय प्रणाली तैनात करने का अनुरोध किया गया है। खगोलीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नियामक एजेंसी ऐसे प्रक्षेपणों के पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन नहीं करती। प्रकाश प्रदूषण और वायुमंडलीय कचरा वैज्ञानिक आकाश अवलोकन को अपरिवर्तनीय रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
परियोजना की तकनीकी चुनौती और अपारदर्शिता 🔍
प्रस्ताव, जिसे V-band Non-Geostationary Satellite System नाम दिया गया है, में उपग्रहों का आकार, ऊंचाई या चमक जैसे प्रमुख तकनीकी डेटा की कमी है। इससे उनके प्रभाव का सटीक मूल्यांकन असंभव हो जाता है। वैज्ञानिक 6 मार्च के टिप्पणी समय सीमा से पहले जानकारी एकत्र करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि FCC के समक्ष तर्क दें, जिसमें बड़े पैमाने पर पुनः प्रवेश से धातु कचरे की रसायन विज्ञान और कक्षाओं के संतरण जैसे जोखिमों को उजागर करें।
तारों को बुझाने की एक तारकीय योजना 🌌
प्रतीत होता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अगली सीमा ब्रह्मांड की प्राकृतिक बुद्धिमत्ता को अलग करने की आवश्यकता रखती है। जबकि खगोलशास्त्री ब्रह्मांड में उत्तर खोज रहे हैं, SpaceX इसे हार्डवेयर की एक परत से ढकने का प्रस्ताव करता है। शायद सच्चा मशीन लर्निंग दूरबीनों के लिए होगा, जिन्हें एक मिलियन कृत्रिम प्रकाश बिंदुओं के बीच देखना सीखना होगा। AI की सेवा के लिए एक कक्षीय प्रणाली, बदले में हमारी अंतरिक्ष दृष्टि को अंधा करना।