Sony Group ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण प्रस्तुत किया है जो AI द्वारा बनाए गए संगीत की जांच के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य यह पहचानना है कि एल्गोरिदम द्वारा उत्पन्न एक रचना में मौजूदा कार्यों के सामग्री को कितनी डिग्री तक शामिल किया गया है या नकल किया गया है। यह प्रौद्योगिकी पूर्व कार्यों के प्रभाव को मापने का प्रयास करती है, जो उस पहचाने गए योगदान पर आधारित कॉपीराइट राजस्व वितरण की संभावित दिशा में एक कदम है।
डिजिटल फिंगरप्रिंट और श्रेय देने वाली प्रौद्योगिकी कैसे काम करती है 🔍
सिस्टम AI द्वारा उत्पन्न संगीत का विश्लेषण करके एक विस्तृत डिजिटल फिंगरप्रिंट बनाता है। यह फिंगरप्रिंट को ज्ञात रचनाओं के डेटाबेस से तुलना करता है, तलाशता है कि मेलोडी, हार्मोनी या संरचना जैसे तत्वों में समानताएँ। यह न केवल समानताओं का पता लगाता है, बल्कि प्रत्येक पहचानी गई मूल रचना के योगदान का प्रतिशत अनुमान लगाता है। यह सिद्धांत रूप में प्रभावों का ब्रेकडाउन करने की अनुमति देगा ताकि लाइसेंस समझौतों या रॉयल्टी वितरण को सुगम बनाया जा सके।
वह AI जो चोर AI को पकड़ लेती है 🕵️
व्यंग्य स्पष्ट है: हमें एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता की आवश्यकता है जो अन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ताओं की निगरानी करे जो शायद बहुत अधिक प्रेरित हो जाती हैं। यह एक रोबोट संगीतकार के दिमाग में एक जासूस रखने जैसा है ताकि देखा जा सके कि उसने कौन सी शेल्फ से ऐकॉर्ड्स निकाले। अब जनरेटिव मॉडल्स को अपने संगीत उधार में अधिक विवेकशपूर्ण होना पड़ेगा, या यह चुगली करने वाली AI उन्हें लाल स्याही से हस्ताक्षर कर देगी। एक ऐसा विश्व जहाँ मशीनें एक-दूसरे पर नकल का आरोप लगाती हैं।