एक रूसी ट्रिब्यूनल ने दूसरी बार नागरिकों के एक समूह द्वारा टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि कॉल जैसी सुविधाओं को प्रभावित करने वाले ये प्रतिबंध उनके अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। हालांकि, अदालत ने इन उपायों की वैधता की पुष्टि की, यह मानते हुए कि नियामक की कार्रवाइयाँ धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से लड़ने के लिए कानूनी ढांचे के भीतर उचित हैं।
तकनीकी ब्लॉक और प्रतिबंधों की वास्तुकला 🔧
लागू किए गए प्रतिबंध ऐप्स का पूर्ण ब्लॉक नहीं हैं, बल्कि नेटवर्क स्तर पर विशिष्ट सीमाएँ हैं। अधिकारी, इंटरनेट प्रदाताओं के माध्यम से, विशिष्ट प्रोटोकॉल में वॉयस (VoIP) कार्यों से जुड़े कुछ प्रकार के ट्रैफिक को फ़िल्टर या धीमा कर सकते हैं। इससे VPNs से आसानी से बचने वाला सीधा निषेध टाला जाता है, लेकिन सेवा की नियंत्रित गिरावट पैदा होती है जो अंतिम उपयोगकर्ता के अनुभव को सीधे प्रभावित करती है।
सुरक्षित कॉल्स, लेकिन केवल अगर आप कॉल न करें 🤐
तर्क स्पष्ट है: इंटरनेट कॉल्स का उपयोग करने वाले धोखेबाजों से आपको बचाने के लिए, सबसे अच्छा है कि कोई भी उनका उपयोग न कर सके। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी लापरवाह ड्राइवर की वजह से सड़क बंद कर देना। अब आप एक पूर्ण मैसेजिंग ऐप का आनंद ले सकते हैं, जहाँ फोन का आइकॉन एक nostalgic सजावट है। एक ऐसा उपाय जो निश्चित रूप से फोन धोखाधड़ी की समस्या को हल करता है, वैध कॉल्स की संख्या को शून्य करके। तकनीकी प्रभावकारिता।