
टिश्यू इंजीनियरिंग में वैज्ञानिक विकास
एनआईटी राउरकेला की एक टीम ने हड्डी की संरचनाओं के लिए बायोप्रिंटिंग के लिए एक नवीन फॉर्मूलेशन बनाई है। विशेषज्ञ पत्रिकाओं में प्रकाशित यह शोध मानव हड्डी की यांत्रिक और जैविक गुणों की नकल करने वाले प्राकृतिक घटकों का उपयोग करता है।
यह बायोइंक प्रिंटिंग गुणों को जैविक एकीकरण क्षमता के साथ जोड़कर एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करती है
तकनीकी विशेषताएँ
- काइटोसन, जेलाटिन और नैनोहाइड्रॉक्सीएपेटाइट आधारित संरचना
- तापमान और pH के अनुसार तरल से जेल में संक्रमण
- वस्कुलराइजेशन को बढ़ावा देने वाली छिद्रपूर्ण संरचना
- विभिन्न बायोप्रिंटर मॉडलों के साथ संगतता
संभावित चिकित्सा अनुप्रयोग
यह तकनीक हड्डी पुनर्निर्माण के जटिल मामलों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, विशेष रूप से मैक्सिलोफेशियल और कपाल सर्जरी में। इसकी इन सिटू अनुकूलन क्षमता सर्जिकल समय को कम कर सकती है और नैदानिक परिणामों को बेहतर बना सकती है।
विकास की अगली अवस्था
शोधकर्ता टीम, अपनी स्टार्टअप Quixotix Bioprinting के माध्यम से, पूर्व-क्लिनिकल परीक्षण शुरू करने की योजना बना रही है। अंतिम लक्ष्य मानव परीक्षणों के लिए नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने वाला एक मानकीकृत विनिर्माण प्रक्रिया स्थापित करना है।