
व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए ऑक्सेटिक तकनीक
एक अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने बाइसिकल हेलमेट का एक प्रोटोटाइप विकसित किया है जो ऑक्सेटिक सामग्रियों का उपयोग करता है, जो पारंपरिक सामग्रियों की तुलना में प्रभावों को अधिक कुशलता से अवशोषित करने में सक्षम हैं। यह प्रगति शहरी और पेशेवर साइकिल चालकों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
हेलमेट की आंतरिक संरचना प्रभाव प्राप्त करने पर सिकुड़ जाती है, ऊर्जा को अधिक प्रभावी ढंग से नष्ट करती है और चोटों के जोखिम को कम करती है
नवीन विशेषताएं
- हाइपर इलास्टिक सामग्री जो विकृत होने के बाद अपनी आकृति बनाए रखती है
- कंप्यूटेशनल मॉडलिंग द्वारा अनुकूलित आंतरिक संरचना
- कस्टमाइजेशन के लिए 3D प्रिंटिंग द्वारा निर्माण
- पारंपरिक हेलमेट्स की तुलना में प्रभाव अवशोषण में अधिक दक्षता
निर्माण प्रक्रिया
3D प्रिंटिंग द्वारा उत्पादन प्रत्येक हेलमेट को उपयोगकर्ता की खोपड़ी की आकृति के अनुरूप बनाने की अनुमति देता है, एकदम सही फिट प्रदान करता है। यह तकनीक पारंपरिक विधियों से असंभव जटिल आंतरिक संरचनाओं के निर्माण को भी सुगम बनाती है।
भविष्य के अनुप्रयोग
शोधकर्ता बताते हैं कि यह तकनीक खेल सुरक्षा उपकरणों और औद्योगिक सुरक्षा तक विस्तारित हो सकती है। यह विकास ऑक्सेटिक सामग्रियों के व्यावहारिक अनुप्रयोग में महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, जो सैद्धांतिक रूप से दशकों से ज्ञात हैं लेकिन अब तक लागू करना कठिन था।