जापानी शोधकर्ताओं ने जमीन पर खड़े विमानों के लिए वायरलेस चार्जिंग विकसित की

2026 February 08 | स्पेनिश से अनुवादित
Un sistema de carga inalámbrica instalado en el suelo transfiere energía a la bobina receptora montada en el tren de aterrizaje de un avión comercial blanco, en una plataforma de prueba al aire libre.

जापानी शोधकर्ताओं ने जमीन पर खड़े विमानों के लिए वायरलेस चार्जिंग विकसित की

विमानन क्षेत्र जमीन पर अधिक स्वच्छ संचालन के तरीकों की तलाश कर रहा है। जापान में एक नवीन परियोजना बिना तारों के बिजली हस्तांतरण का एक तरीका प्रस्तुत करती है जो व्यावसायिक विमानों को पार्किंग में रहते हुए प्रदान किया जा सकता है, ताकि शोरपूर्ण और प्रदूषणकारी डीजल जनरेटरों से बचा जा सके। 🛬

रेजोनेंस द्वारा ऊर्जा हस्तांतरण कैसे काम करता है?

यह तकनीक चुंबकीय रेजोनेंट कपलिंग के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें शारीरिक संपर्क की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ऊर्जा लगभग 15 सेंटीमीटर की हवा की खाई को पार करती है। हवाई अड्डे की प्लेटफॉर्म में दबी हुई ट्रांसमीटर कॉइल एक सटीक आवृत्ति पर ऑसिलेटिंग चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। विमान के लैंडिंग गियर में लगी रिसीवर कॉइल उसी आवृत्ति पर ट्यून की जाती है ताकि ऊर्जा को कुशलतापूर्वक कैप्चर किया जा सके।

सिस्टम की मुख्य विशेषताएं:
यह तकनीक विमान को जमीन पर चार्ज करना इलेक्ट्रिक टूथब्रश चार्ज करने जितना सरल बना सकती है।

वास्तविक परिचालन वातावरण में सफल प्रदर्शन

इंजीनियरों की टीम ने हवाई अड्डे पर एक परीक्षण के साथ अवधारणा को सत्यापित किया, जिसमें एक वास्तविक यात्री विमान का उपयोग किया गया। उन्होंने लैंडिंग गियर को रिसीवर कॉइल के साथ अनुकूलित किया और उत्सर्जक इकाई को जमीन पर रखा। प्रदर्शन के दौरान, सिस्टम ने विमान के आंतरिक सिस्टमों को ऊर्जा प्रदान की, जैसे केबिन लाइट्स, जबकि यह पार्किंग में खड़ा था।

परिणाम और परियोजना के अगले चरण:

विमानन उद्योग पर संभावित प्रभाव

हवाई अड्डों पर इस वायरलेस चार्जिंग को लागू करना जमीन पर संचालन को बदल सकता है। डीजल जनरेटरों पर निर्भरता कम करके, कार्बन उत्सर्जन और टैक्सीइंग तथा प्रतीक्षा चरणों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को काफी कम किया जा सकता है। यह

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