चीन ने विशाल उपग्रह समूह लॉन्च करने की मांग की

2026 February 08 | स्पेनिश से अनुवादित
Ilustración conceptual que muestra una red densa de satélites orbitando la Tierra, con líneas de conexión entre ellos formando una malla global sobre los continentes.

चीन ने विशाल उपग्रह नक्षत्र लॉन्च करने की मांग की

अंतरिक्ष परिदृश्य में कट्टरपंथी परिवर्तन हो सकता है। चीन ने अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ को औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया है ताकि 190,000 से अधिक इकाइयों वाला उपग्रह नक्षत्र तैनात किया जा सके। यह संख्या आज कक्षा में मौजूद सक्रिय उपग्रहों की कुल संख्या से भारी रूप से अधिक है। Guowang नामक यह पहल पूरे ग्रह 🌍 को कवर करने वाले संचार नेटवर्क की स्थापना करने की योजना बनाती है।

उद्देश्य: वैश्विक ब्रॉडबैंड नेटवर्क

मेगा नक्षत्र Guowang का मुख्य कार्य विश्व स्तर पर उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करना है। सिस्टम चलते हुए उपयोगकर्ताओं, साथ ही जहाजों और विमानों को सेवा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह इसे SpaceX का Starlink और Amazon का Kuiper जैसे परियोजनाओं का सीधा प्रतियोगी बनाता है। इतनी विशाल संख्या में उपग्रहों को कक्षा में रखकर, सिग्नल की latency को कम करने और कवरेज को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, विशेष रूप से अलग-थलग क्षेत्रों और महासागरों में। यह तकनीक ग्लोब के किसी भी स्थान से इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइस को कनेक्ट करने की अनुमति देगी 🛰️।

Guowang परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
चीन की प्रस्ताव की परिमाण पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष की स्थिरता पर तत्काल संदेह पैदा करती है।

पृथ्वी की कक्षा पर चिंताएं

परियोजना के पैमाने ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में तत्काल चेतावनी उत्पन्न की है। विशेषज्ञ अंतरिक्ष कचरे की मात्रा को बड़े पैमाने पर बढ़ाने और टकराव की संभावना के जोखिमों की ओर इशारा करते हैं। मौजूदा और नियोजित अन्य नक्षत्रों के साथ ट्रैफिक समन्वय कैसे किया जाए, इस पर वास्तविक चिंता है। UIT को अनुरोध की गहन समीक्षा करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह अन्य उपग्रह सिस्टमों के साथ हानिकारक हस्तक्षेप न करे। कुछ विश्लेषक इस कदम को रणनीतिक कक्षीय स्थिति और मूल्यवान फ्रीक्वेंसी को अन्य वैश्विक अभिनेताओं से पहले सुरक्षित करने की दौड़ के रूप में व्याख्या करते हैं 🚀।

पहचानी गई मुख्य चुनौतियां:

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