गूगल ने पिछले वर्ष अपनी ऐप स्टोर पर एक बड़े हमले का संचालन किया। कंपनी ने डेवलपर्स के हजारों खातों को ब्लॉक करने और लाखों संदिग्ध ऐप्लिकेशनों को हटाने की सूचना दी। यह अभियान मैलवेयर, धोखाधड़ी और डेटा चोरी को रोकने पर केंद्रित है, जिसका घोषित उद्देश्य एंड्रॉइड पारिस्थितिकी तंत्र में सुरक्षा और विश्वास बढ़ाना है।
स्वचालित सिस्टम और मजबूत सत्यापन: नई तकनीकी बाधा 🤖
रणनीति स्वचालित सिस्टम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित है जो नीतियों के उल्लंघनों को बड़े पैमाने पर पहचानने के लिए। ये एल्गोरिदम असामान्य व्यवहारों और खतरों से जुड़े कोड पैटर्न को स्कैन करते हैं। समानांतर रूप से, डेवलपर्स के लिए पहचान सत्यापन के नियंत्रणों को मजबूत किया गया है, जिससे धोखाधड़ीपूर्ण खातों का निर्माण कठिन हो गया है। साथ ही, संभावित रूप से खतरनाक मानी गई ऐप्स के अनुमतियों और वितरण को सीमित किया गया है इससे पहले कि वे फैलें।
बैटरी ऑप्टिमाइज़रों को अलविदा जो 5 मिनट में बैटरी को खाली कर देते थे 👋
यह सफाई ने स्टोर को काफी हल्का बना दिया है। उपयोगकर्ता शायद उन जादुई ऐप्स की कमी महसूस करें जो वाई-फाई की गति दोगुनी करने या मानसिक ऊर्जा से बैटरी चार्ज करने का वादा करती थीं। यह देखना हृदयस्पर्शी था कि एक RAM बचाने वाली ऐप खुद 800 MB बैकग्राउंड में खा रही थी। अब, उम्मीद है, फोटो एडिटर डाउनलोड करने का सबसे बड़ा जोखिम यह होगा कि आपकी सेल्फी और खराब हो जाएं, न कि आपका बैंक खाता गायब हो जाए।