
इस्कंदर मिसाइल प्रणाली: गतिशीलता और सामरिक सटीकता
रूस 9K720 इस्कंदर प्रणाली तैनात करता है, जिसे NATO द्वारा SS-26 Stone नाम दिया गया है। यह छोटी दूरी पर संचालित होने के लिए डिज़ाइन की गई एक मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल प्लेटफ़ॉर्म है। इसका केंद्र एक ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर (TEL) वाहन है जिसमें 8x8 ऑल-व्हील ड्राइव है, जो लगभग 13 मीटर लंबा है और स्वायत्त रूप से फायरिंग के लिए आधार प्रदान करता है। 🚀
मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म और उसकी लॉन्च क्षमता
यह प्रणाली आठ पहियों वाले भारी चेसिस पर आधारित है जो सड़क और कठिन इलाके में चल सकती है। इसका मुख्य कार्य दो इस्कंदर-एम मिसाइलें को स्वतंत्र रूप से ले जाना, तैयार करना और दागना है। लॉन्च करने के बाद, वाहन प्रतिशोध से बचने के लिए फायर एंड स्कूप रणनीति लागू करते हुए क्षेत्र से जल्दी पीछे हट सकता है। इसकी गतिशीलता और छोटा तैयारी समय इसे खोजने और निष्क्रिय करने में कठिन लक्ष्य बनाता है।
लॉन्चर वाहन की मुख्य विशेषताएँ:- सभी इलाकों में उच्च गतिशीलता के लिए 8x8 कॉन्क्लिगरेशन।
- दो मिसाइलों को स्वायत्त रूप से ले जाने और लॉन्च करने की क्षमता।
- फायर करने और स्थिति बदलने की अनुमति देने वाली तेज़ ऑपरेशन।
इसकी अप्रत्याशित ट्रैजेक्टरी को इंटरसेप्ट करने की योजना बनाना उतना ही जटिल है जितना अंधेरे कमरे में एक कीड़े को मारना।
इस्कंदर-एम मिसाइल और उसकी लड़ाकू बहुमुखी प्रतिभा
इस्कंदर-एम मिसाइल केंद्रीय घटक है। यह विभिन्न प्रकार की वारहेड से लैस हो सकती है, जो महत्वपूर्ण सामरिक लचीलापन प्रदान करती है। विकल्पों में फ्रैगमेंटेशन, थर्मोबैरिक या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स की पारंपरिक वारहेड शामिल हैं, साथ ही सामरिक परमाणु भार ले जाने की क्षमता। इससे लक्ष्य पर सटीक प्रभाव चुनना संभव होता है, चाहे वह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा हो, एकत्रित सैनिक हों या कमांड सेंटर। 💥
उपलब्ध वारहेड विकल्प:- पारंपरिक वारहेड (फ्रैगमेंटेशन, थर्मोबैरिक)।
- इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित करने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स वारहेड।
- सामरिक परमाणु वारहेड।
तकनीकी सटीकता और परिचालन दायरा
यह प्रणाली अपनी उच्च रिपोर्टेड सटीकता के लिए जानी जाती है। यह संयुक्त गाइडेंस सिस्टम का उपयोग करती है जो इनर्शियल नेविगेशन को टर्मिनल करेक्शन के साथ एकीकृत करता है, चाहे सैटेलाइट सिग्नल्स से हो या ऑप्टिकल गाइडेंस से। इससे सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) को न्यूनतम स्तर तक कम किया जाता है, भले ही अधिकतम परिचालन दूरी पर पहुँचते हुए। अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार, इसकी आधिकारिक रेंज लगभग 500 किलोमीटर है, हालांकि बाहरी विश्लेषण सुझाव देते हैं कि यह इससे अधिक हो सकती है। मिसाइल जटिल क्वासी-बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी का पालन करती है जो विशेष रूप से शत्रु एंटी-मिसाइल रक्षा को चकमा देने और पार करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे इसकी इंटरसेप्शन बहुत कठिन हो जाती है।