
इज़राइल ने पूर्वी यरूशलेम में UNRWA के केंद्रीय परिसर में संरचनाओं को ध्वस्त किया
इज़राइली सेनाओं ने संयुक्त राष्ट्र के फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए एजेंसी (UNRWA) के पूर्वी यरूशलेम में मुख्यालय में इमारतों को नष्ट करना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई, जो भोर से शुरू हुई, ध्वस्तीकरण टीमों की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ हो रही है। इज़राइल इस कदम को एजेंसी पर उसके परिसरों को उग्रवादियों द्वारा उपयोग करने की अनुमति देने का आरोप लगाकर उचित ठहराता है, जिसे UNRWA स्पष्ट रूप से नकारता है। 🚧
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने गहरी चिंता व्यक्त की है और इज़राइल से तत्काल ध्वस्तीकरण रोकने की मांग की है। यह रुख कई देशों और यूरोपीय संघ में गूंजा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार पूर्वी यरूशलेम को कब्जा वाला क्षेत्र बताता है। इज़राइली अधिकारी, दूसरी ओर, सुरक्षा के लिए कार्य करने के अपने अधिकार का बचाव करते हैं और भूमि पर राज्य स्वामित्व का दावा करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय निंदा के मुख्य बिंदु:- ध्वस्तीकरण अभियान को रोकने के लिए एकमत अपील।
- कार्य को क्षेत्र में स्थिरता के लिए हानिकारक बताना।
- पूर्वी यरूशलेम में कब्जे की कानूनी स्थिति की याद दिलाना।
यह ध्वस्तीकरण हजारों लोगों के लिए आवश्यक मानवीय सेवाओं को प्रभावित करेगा।
तत्काल प्रभाव और स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
स्थान पर गवाहों, जिसमें UNRWA के कर्मचारी और पड़ोसी शामिल हैं, देख रहे हैं कि कैसे बुलडोजर आगे बढ़ रहे हैं। एजेंसी ने सूचित किया है कि परिसर में कार्यालय और गोदाम थे जिनमें महत्वपूर्ण आपूर्तियाँ थीं। इसकी हानि पहले से ही तनावग्रस्त क्षेत्र में खाद्य और दवाओं का वितरण जटिल कर देगी। यह घटना नाजुक अप्रत्यक्ष वार्ताओं के संदर्भ में कूटनीतिक घर्षण को बढ़ा सकती है।
क्षेत्र पर परिणाम:- मानवीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स में बाधा।
- स्थानीय आबादी की ओर से चिंता और विरोध की प्रतिक्रिया।
- क्षेत्र में नए टकराव चक्र का जोखिम।
एक टकराव का घड़ी
कार्रवाई तकनीकी सटीकता के साथ निष्पादित हो रही है, लेकिन सुनाई देने वाली टिक-टिक शांति की ओर बढ़ने की नहीं, बल्कि संभावित नए टकराव अध्याय की है। संयुक्त राष्ट्र की इस बुनियादी ढांचे का विनाश न केवल मानवीय सहायता को झटका है, बल्कि भविष्य के किसी भी संवाद के लिए गंभीर बाधा भी है, जो मध्य पूर्व में पहले से जटिल संबंधों को और तनावपूर्ण बनाता है। ⏳