इंटेल एक महत्वपूर्ण आर्किटेक्चरल परिवर्तन की योजना बना रहा है। एक नौकरी की पेशकश के अनुसार, कंपनी अपने P (प्रदर्शन) और E (दक्षता) कोर के हाइब्रिड डिज़ाइन को पीछे छोड़ देगी, जो Alder Lake से लागू है। उद्देश्य एक एकीकृत कोर आर्किटेक्चर को अपनाना है, जो सरल और अधिक कुशल है। यह परिवर्तन तत्काल नहीं है; यह भविष्य की पीढ़ियों में आएगा, संभवतः 2028 में Titan Lake के साथ।
हाइब्रिड प्रबंधन की जटिलता और मोनोलिथिक का लाभ ⚙️
वर्तमान हाइब्रिड आर्किटेक्चर को ऑपरेटिंग सिस्टम के प्लानर (Thread Director) की आवश्यकता होती है जो कार्यों को P या E कोर पर असाइन करे। यह सिस्टम लेटेंसी और अपूर्ण असाइनमेंट उत्पन्न कर सकता है, जो विशिष्ट कार्यभारों में प्रदर्शन को प्रभावित करता है। मोनोलिथिक डिज़ाइन उस जटिलता की परत को समाप्त कर देता है, सिलिकॉन के प्रति वर्ग मिलीमीटर प्रदर्शन का सीधा नियंत्रण और अधिक पूर्वानुमानित अनुकूलन की अनुमति देता है।
कोर के अव्यवस्थाओं को अलविदा, सबके लिए एक लौटता है 🎯
ऐसा लगता है कि विंडोज को बताना कि प्रत्येक कार्य के लिए कौन सा कोर उपयोग करना है, का प्रयोग पूरी तरह से मनाने में विफल रहा। सिलिकॉन कोरोग्राफरों (Thread Director) के वर्षों के बाद E और P को एक ही लय में नचाने की कोशिश करने के बाद, इंटेल एक कोर जो सबको नियंत्रित करे की दर्शन पर लौट रहा है। एक समस्या के लिए सरल समाधान जो शायद हमें होने की आवश्यकता ही नहीं थी। विंडोज का प्लानर आखिरकार आराम कर सकेगा।