ऑटोडेस्क ने अपने फ्लो स्टूडियो प्लेटफॉर्म पर दो नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स पेश किए हैं: AI रिगिंग और न्यूरल लेयर। ये उपकरण 3D एनिमेशन को सरल बनाने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे क्रिएटर पारंपरिक तकनीकी चरणों के बिना मॉडल को चलने-फिरने के लिए तैयार पात्रों में बदल सकते हैं। यह प्रस्ताव उत्पादन समय को कम करने और कम तकनीकी अनुभव वाले उपयोगकर्ताओं के लिए प्रक्रिया को सुलभ बनाने पर केंद्रित है।
ऑटोमेशन जो रिगिंग और रेंडरिंग प्रक्रिया को तेज़ करता है 🤖
AI रिगिंग स्वचालित रूप से एक पात्र की कंकालीय संरचना तैयार करता है, जिससे प्रत्येक हड्डी और नियंत्रक को मैन्युअल रूप से रखने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। वहीं, न्यूरल लेयर एक रेंडरिंग सिस्टम प्रदान करती है जो जटिल उत्पादन पाइपलाइनों पर निर्भर हुए बिना सिनेमैटोग्राफिक गुणवत्ता का अनुकरण करती है। दोनों फीचर क्लाउड पर काम करते हैं, जिससे कलाकार रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जबकि AI भारी गणनाओं का प्रबंधन करता है। परिणाम एक अधिक सीधा और कम तकनीकी कार्यप्रवाह है।
AI अब हड्डियों और रोशनी के बारे में भी जानता है 💡
आखिरकार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पता लगा लिया है कि 3D पात्रों को न केवल एक सुंदर चेहरे की ज़रूरत होती है, बल्कि कंकाल और अच्छी रोशनी की भी। अब, रिगिंग नियंत्रणों को समायोजित करने में घंटों बिताने के बजाय, आप उस कार्य को एक मशीन को सौंप सकते हैं। हाँ, अगर AI तय करता है कि आपका पात्र जंग लगे रोबोट की तरह चले, तो आप अपने प्रॉम्प्ट के अलावा किसी और को दोष नहीं दे सकते। कम से कम रेंडर तो सिनेमैटोग्राफिक होगा।