इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी इस्लामी जिहाद के सशस्त्र सदस्यों के खिलाफ गाजा पट्टी के दक्षिण में एक हवाई हमले की पुष्टि की। एक सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, मंगलवार रात को पता चलने के बाद आतंकवादियों को निष्प्रभावी कर दिया गया, हालांकि पीड़ितों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्र में तैनात बलों के खिलाफ सीधे खतरे के जवाब में की गई है।
ड्रोन और नाइट सेंसर: वह तकनीक जो हमलों का मार्गदर्शन करती है 🛸
मिलिशिया सदस्यों की रात्रि पहचान थर्मल कैमरों वाले ड्रोन और सिंथेटिक एपर्चर रडार जैसी उन्नत निगरानी प्रणालियों पर आधारित थी। ये उपकरण कम दृश्यता की स्थिति में भी किलोमीटर दूर शत्रुतापूर्ण हरकतों की पहचान करने की अनुमति देते हैं। हमला सटीकता से निर्देशित गोला-बारूद से किया गया था, जिससे सहयोगी क्षति का जोखिम कम हुआ। इस प्रकार के अभियानों में गति के पैटर्न के विश्लेषण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग तेजी से आम होता जा रहा है।
इस्लामी जिहाद: कॉफी से पहले पकड़े जाने की कला ☕
ऐसा लगता है कि इस्लामी जिहाद के सदस्य जीपीएस बंद करना भूल गए या शायद उन्होंने हेडलैंप पहन रखे थे। क्योंकि अगर इजरायली तकनीक कुछ साबित करती है, तो वह यह है कि चाहे आप रात में कितनी भी कोशिश कर लें, हमेशा एक ड्रोन होता है जिसकी दृष्टि आपसे बेहतर होती है। अच्छी बात यह है कि कम से कम उन्होंने नाश्ता तो बचा लिया। बुरी बात: कि मेनू में सटीक मिसाइलें शामिल थीं।