इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने मंगलवार को जकार्ता के पास ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। राष्ट्रपति ने एक यात्री ट्रेन और दूसरे रेलवे वाहन के बीच टक्कर के कारणों का पता लगाने के लिए तत्काल जांच के आदेश दिए। बचाव दल ने फंसे हुए लोगों को निकालने और घायलों को चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने का काम किया।
रेलवे प्रौद्योगिकी: मानवीय भूल या पुरानी प्रणालियाँ? 🚆
जकार्ता के पास के मार्गों पर सिग्नलिंग प्रणाली रखरखाव की चुनौतियों का सामना कर रही है। आधुनिक ट्रेनों में टक्करों को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए स्वचालित ब्रेक और निकटता सेंसर होते हैं। हालांकि, कुछ पटरियों की पुरानी हो चुकी स्थिति और लोको पायलटों के बीच संचार प्रोटोकॉल में अपडेट की कमी संदेह पैदा करती है। जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि टक्कर के समय यातायात नियंत्रण उपकरण सही ढंग से काम कर रहे थे या नहीं। अगले कुछ हफ्तों में एक तकनीकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति ने घायलों से मुलाकात की: लोको पायलट के बारे में आपको क्या नहीं बताया गया 😅
जब प्रबोवो अस्पताल में हाथ मिला रहे थे, घायल यात्री शायद सोच रहे होंगे: कम से कम राष्ट्रपति ट्रेन से तो नहीं आए। क्योंकि अगर यह दुर्घटना कुछ साबित करती है, तो वह यह है कि इंडोनेशिया में, एक डिब्बे में चढ़ना पटरियों पर रूसी रूलेट खेलने जैसा है। जांच तेज होने का वादा करती है, लेकिन तब तक, ड्राइवर यह उम्मीद करते रहेंगे कि अगली टक्कर सिर्फ ट्विटर पर राय की हो।